सिंघाड़े की खेती रोकी, कब्जे हटाए तो मिलता रहा 30 एमएलडी पानी
दीपेश शर्मा,600 एकड़ में फैले यशवंत सागर तालाब की गहराई भले ही 19 फीट है लेकिन यह तालाब सालभर इंदौर को 30 एमएलडी पानी देता रहा। 100 से ज्यादा डोंगियों से सिंघाड़े की खेती के दौरान कीटनाशकों का जमकर प्रयोग और पाल पर 50 से ज्यादा झोपड़ियों से जकड़े यशवंत सागर को मुक्त करने के लिए भास्कर ने पिछले साल अभियान चलाया।
नतीजा यह हुआ कि तालाब में अभी भी 12 फीट से ज्यादा पानी भरा है, जबकि बारिश अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है। भास्कर के साथ इस तालाब की मौजूदा स्थिति देखने पहुंचे जलकार्य समिति प्रभारी रहे बलराम वर्मा ने बताया कि यशवंत सागर अब तक की सबसे बेहतर स्थिति में आ गया है। तालाब की मॉनिटरिंग के लिए मछली पालन का ठेका भी दिया जा चुका है।
अब इसकी तैयारी... लगेगा फ्लोटिंग सोलर प्लांट
तालाब पर 500 करोड़ से 120 मेगावॉट बिजली के लिए सोलर फ्लोटिंग प्लांट लगाया जाएगा। 80 मेगावॉट का प्लांट यशवंत सागर में और 40 मेगावॉट का प्लांट जलूद में लगेगा। अभी निगम को 20 करोड़ रुपए महीना बिजली का बिल भरना पड़ता है। इस प्लांट से न सिर्फ बिजली के बिल की बचत होगी बल्कि सात साल में पूरा प्लांट लाभ की स्थिति में आ जाएगा।
ये करना बाकी...पाल को मजबूत बनाना, पानी की चोरी रोकना
तालाब की पाल को मजबूत करने की जरूरत है। तालाब का गहरीकरण भी जरूरी है। तालाब की चैनल महू से आने वाले वन क्षेत्र के कारण बेहतर स्थिति में है। क्षमता कम होने से हर बार साइफन खोलने पड़ते हैं।
इस तालाब का पानी सबसे ज्यादा चोरी हो रहा है। तालाब में सीधे मोटर लगाकर किसान फसलें सींचते हैं। समय-समय पर प्रशासन मोटर जब्त करता है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति नहीं बदली।
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