निजी अस्पताल बिना वेंटीलेटर के रखते हैं कोरोना पॉजिटिव मरीज हालत बिगड़ने पर कर देते हैं मेडिकल अस्पताल के लिए रवाना
यूपी के एक प्रभावशाली व्यक्ति रविवार को अपने कोविड ग्रस्त परिजन के लिए देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोरोना वार्ड में वेन्टीलेटर वाला बेड तलाश रहे थे। उन्हें थोड़े से प्रयासों के बाद वांछित सुविधाएँ मिल गईं, लेकिन जब दैनिक भास्कर ने इस प्रकरण की जाँच-पड़ताल की तो पता चला कि बिना वेन्टीलेटर सुविधा वाले एक निजी अस्पताल ने इस मरीज को भर्ती कर रखा था। जब मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे एक अन्य निजी अस्पताल बिना यह जानकारी लिए रिफर कर दिया कि वहाँ बेड है या नहीं? जब वहाँ बेड नहीं मिला तो उनके परिजनों ने अपने संपर्कों का उपयोग कर मध्य रात्रि के बाद मेडिकल में वेन्टीलेटर वाला बेड तो जुगाड़ कर लिया लेकिन यह प्रकरण जबलपुर जिले की मेडिकल सुविधाओं की दुर्दशा बता रहा है। मेडिकल में अव्यवस्था से मरीज क्षुब्ध आँकड़े बताते हैं कि अब तक जबलपुर में जो 82 मौतें हुईं हैं, उनमें से केवल 9 ही निजी अस्पतालों के खातों में आईं हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जिम्मेदार सूत्रों का कहना है कि कम से कम 3 दर्जन ऐसे मरीजों को हालत बिगड़ने पर निजी अस्पतालों ने मेडिकल रिफर किया है, जिनकी बाद में मौत हो गई। हालाँकि ...