किसानों ने खेताें में बोवनी की, 85 प्रतिशत पूरी

बारिश के बीच माैसम खुला मिलने, तेज धूप से बतर आने पर किसान जुटकर खरीफ की फसल की बोवनी करते रहे। किसानाें ने 85 प्रतिशत बाेवनी का काम पूरा कर लिया है। माैसम खुला रहा ताे बाकी की बाेवनी किसान तेजी से करेंगे। अभी किसान साेयाबीन की बाेवनी कर रहे हैं, उड़द की बाेवनी कम है किसान इसे लेट करेंगे, जिससे अगस्त के आखिर और सितंबर के प्रथम सप्ताह में हाेने वाली बारिश से उड़द की फसल खराब न हाे।

इस साल बारिश समय पर हाेने से बाेवनी समय पर हाे पा रही है। कृषि विभाग भी उड़द की बाेवनी लेट करने की सलाह दे रहा है। अभी साेयाबीन की कम दिन की किस्म जेएस 2069, जेएस 2034, जेएस 2029, जेएस 1025, अंजलि, हरदा नामक किस्म की बाेवनी कर रहे हैं। यह 90 से 95 दिन में तैयार हाेना बताया जा रहा है। यह किस्में समय पर फसल दे देंगी ऐसा अनुमान है। वहीं किसानाें ने जेएस 9560, जेएस 9305 की बाेवनी भी की है। किसान उड़द की प्रताप वन किस्म बाे रहे हैं। किसान राजकुमार सिंह बघेल, मनाेज जैन, कुंवर सिंह कुर्मी का कहना है कि दाे दिन की धूप के कारण खेताें में बतर मिल गया था, जिससे अच्छी बाेवनी हुई थी, पहले की बाेवनी जरा कमजाेर रहेगी, तभी भूमि में बतर नहीं मिला था। माैसम ऐसा ही रहा ताे अगले तीन दिन में साेयाबीन की पूरी बाेवनी हाे जाएगी। 10 जुलाई तक बाेवनी हाे सकती है, जिसमें किसान उड़द की पूरी बाेवनी करेंगे।
किसानाें काे उड़द की बाेवनी लेट करने की सलाह दी गई है, जिससे उड़द की फसल काे आखिरी बारिश से नुकसान न हाे। किसानाें काे नींदा नियंत्रण दवाओं की अपेक्षा तकनीकी तरीके से करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। जिन्हाेंने चाैड़े मेड़ा की बाेवनी की है वह ट्रैक्टर से नींदा नियंत्रण कर सकेंगे।
कृषि विभाग बाेवनी के संबंध में जानकारी ले रहा है और किसानाें काे सलाह भी दे रहा है।

लक्ष्य के अनुरूप सोयाबीन की बोवनी ज्यादा हुई
एसएडीओ एसपी भारद्वाज का कहना है कि किसानाें काे साेयाबीन, उड़द की बाेवनी के लिए बारिश रूकने से समय मिल गया। किसानाें ने कम अवधि वाली किस्माें की बाेवनी की है। माैसम खुला रहता है ताे बाेवनी बढ़ जाएगी। अभी तक करीब 85 प्रतिशत बाेवनी हाे चुकी है। क्षेत्र में कुल 53,500 हेक्टेयर बोवनी का लक्ष्य है, करीब 55 हजार हेक्टेयर में बाेवनी होने का अनुमान है। लक्ष्य के अनुसार करीब 45475 हेक्टेयर बोवनी हो चुकी है। जिसमें करीब 32 हजार 500 हेक्टेयर में सोयाबीन की बाेवनी हाे चुकी है। उड़द की 12000 हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है, 20 हजार हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य है। धान 30 हेक्टेयर, ज्वार 10 हेक्टेयर, मक्का 155 हेक्टेयर, मूंग 25 हेक्टेयर में बोई जा चुकी है।



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