मंदिरों में सजाया डोला, नहीं निकाला जुलूस

नगर में डोल ग्यारस जलझूलनी एकादशी पर्व पर भगवान श्री कृष्ण का डोला गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया जाता था। इस वर्ष कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदिरों में भगवान के डोले को आकर्षक रूप से सजाकर उसका शास्त्र पूजन अर्चन किया गया।
पंडित मुरली कानूनगो ने बताया प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मुरली मनोहर बावड़ी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। जिसमें भागवत का मूलपाठ का वाचन पंडित उमाशंकर कानूनगो महाराज ने किया। इसी सप्ताह के बीच में डोल ग्यारस महोत्सव का आयोजन भी किया जाता है। नगर के प्रमुख श्रीवैष्णव पंचायती श्रीराम मंदिर, श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीराज मंदिर, श्रीसत्यनारायण मंदिर व श्रीराधाकृष्ण मंदिर बाहेती काॅलोनी में डोल ग्यारस पर्व में मंदिर पुजारियों ने भक्तों से निवेदन कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजन किया। डोल ग्यारस का उत्सव मनाया गया।

एकादशी पर नहीं निकला श्रीकृष्ण का डोला
कसरावद | एकादशी पर शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का डोला नहीं निकाला गया। श्रद्धालुओं ने घर पर ही बाल गोपाल की पूजा कर जलवाय पूजन किया। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन की सख्ती के चलते पहली बार ऐसा अवसर आया है। श्रद्धालु अहिल्याबाई, बीनाबाई, भगवतीबाई, रजनी आदि ने बताया पहली बार डोल ग्यारस पर घर पर ही पूजन करना पड़ा।

डोला निकला, श्रद्धालुओं ने की पूजा
गोगावां/बोरावां | डोला ग्यारस पर बोरावां व बिटनेरा में भगवान श्रीकृष्ण का डोला निकाला गया। बोरावां के पुजारी शिवशंकर भटोरे ने बताया कोरोना संक्रमण के चलते गांव में कुछ दूर घुमाने के बाद डोला मंदिर में रखा गया। यहां आरती के साथ समापन हुआ। बिटनेरा में ग्रामीणों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। डोला श्रीराम मंदिर से शुरू होकर हनुमान मोहल्ला, माली मोहल्ला से विसर्जन स्थल पहुंचा।



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