आचार संहिता: मंत्री डंडौतिया दौरा अधूरा छोड़कर लाैटे, पुलिसकर्मियों से कहा- आपकी ड्यूटी खत्म, कांग्रेस का आंदोलन भी हड़बड़ी में खत्म
मप्र में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव का मंगलवार को बिगुल बज गया। निर्वाचन आयोग ने दोपहर 2 बजे आचार संहिता लगने की घोषणा कर दी। लेकिन राजनीतिक दल भाजपा-कांग्रेस सहित जिला प्रशासन भी अलर्ट दिखा। दिमनी विस से भाजपा प्रत्याशी व राज्यमंत्री गिर्राज डंडौतिया सुबह 12 बजे अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकले लेकिन जैसे ही उन्हें आचार संहिता लगने की जानकारी मिली वे दौरा छोड़कर अपने रामनगर स्थित घर लौट आए और सरकार द्वारा उपलब्ध पायलेटिंग वाहन पर तैनात पुलिसकर्मियों से कहा-अब आपकी ड्यूटी खत्म, वापस लौट जाईए।
इससे पहले भाजपा के ही चंबल वाटर प्रोजेक्ट में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी सुबह 11 बजे समारोह बीच में छोड़कर मुरैना से ग्वालियर फिर यहां से दिल्ली रवाना हो गए। उन्होंने समारोह इसलिए छोड़ा क्योंकि उन्हें भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ 12 बजे से पहले ग्वालियर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होना था। वहीं किसान कांग्रेस ने भी आज किसान बिल के विरोध में शहर की गल्ला मंडी में सुबह 11 बजे से रैली निकालकर आंदोलन रखा था। यहां भी पुलिस की नजर थी कि आचार संहिता लगते ही इनके आंदोलन को स्थगित करा दिया जाए। लेकिन कांग्रेसी भी पहले से तैयार थे। आनन-फानन में उन्होंने अपने आंदोलन को दोपहर 1 बजे से ही पहले ही कलेक्टोरेट पर जाकर संपन्न कर दिया।
कलेक्टर ने व्यवस्थाओं के लिए यह निर्देश दिए
कलेक्टर ने कहा कि ईव्हीएम स्टोर प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि चुनाव कार्य के लिए विधानसभावार ईवीएम एवं वीवीपैट तैयार कर स्ट्राॅग रूम में रख दी गई हैं। इसके अलावा किसी अन्य स्थान पर ईवीएम एवं वीवीपैट दिखना नहीं चाहिये। कोविड के नार्म्स के अनुरूप पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए विधानसभा अनुसार प्लान आरटीओ को उपलब्ध कराया जाए। पिछले चुनावों की अपेक्षा पर्टियों को रवाना करने के लिए अतिरिक्त पांच प्रतिशत वाहन बढ़ाए जाएं। सुमावली रिटर्निंग ऑफीसर को निर्देश दिए कि चुनाव आयोग के पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें जिसमें अभी तक बाउंड ओवर जैसी कितनी कार्रवाईयां की गई हैं। दप्रसं की धारा 107-116 की कार्रवाई में रिटर्निंग ऑफीसर हिचकिचाहट न करें।
शहर से बैनर-पोस्टर हटाए, तहसीलों से नहीं हटाए
आदर्श आचरण संहिता लागू होने से 24 घंटे पहले ही मुंरैना शहर से राजनैतिक दलों के लोगों के बैनर-पोस्टर हटाने का काम कर लिया गया था। लेकिन ग्रामीण अंचल अंबाह, पोरसा, दिमनी, जौरा, कैलारस में मंगलवार की शाम 4 बजे तक राजनैतिक दलों के बैनर पोस्टर लटके रहे। हालांकि कलेक्टर अनुराग वर्मा ने दोपहर को कलेक्टोरेट में मीटिंग लेकर चुनाव क्षेत्र में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को ताकीद दी कि वे हर हाल में आचार संहिता का पालन करें।
आचार संहिता में इन पर प्रतिबंध
- जातिगत, धार्मिक या भाषायी तौर पर मतभेद भड़काने और नफरत या तनाव फैलाने वाले भाषण से सभी राजनैतिक दलों को बचना होगा।
- चुनाव प्रचार के झंडे, बैनर, नारे आदि के लिए निजी संपत्ति मालिक की इजाजत के बगैर उसकी जमीन, भवन अहाते, दीवार आदि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जबकि सरकारी सड़क, गली-मोहल्ले, खंबे आदि पर कोई भी व्यक्ति राजनैतिक बैनर-पोस्टर नहीं लगा सकेगा। जुलूस, सभा रैली आदि बिना अनुमति नहीं कर सकेंगे।
जिले की 5 सीटों पर उपचुनाव, सबलगढ़ को छोड़ सभी जगह आचार संहिता प्रभावी
जिले की 5 सीटों अंबाह, दिमनी, मुरैना, सुमावली, जौरा पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में सबलगढ़ ही एकमात्र ऐसी सीट है, जहां चुनाव नहीं होंगे। इसलिए यही तहसील आदर्श आचरण संहिता से अछूती रहेगी। हालांकि सबलगढ़ क्षेत्र के कुछ इलाके जौरा विधानसभा से जुड़ते हैं। ऐसे में यहां भी रैली, विरोध-प्रदर्शन पर भी रोक रहेगी।
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