रेहटी के दाे व्यापारी भाइयाें ने 22 किसानों से खरीदी 1.73 कराेड़ रुपए से ज्यादा की उपज; इंदौर से पकड़ा

एक बार फिर किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। गांव रेहटी निवासी दो व्यापारी भाइयों पवन खोजा और सुरेश खोजा ने खातेगांव-कन्नौद तहसील सहित हरदा, होशंगाबाद और सीहोर जिले के किसानों से डॉलर चना और मूंग सहित अन्य उपज खरीदी, लेकिन उन्हें राशि नहीं दी। हालांकि किसानों के राशि के लिए दबाव बनाने पर विश्वास दिलाने के लिए कुछ को चेक दे दिए गए, लेकिन जब चेक भी बाउंस होने लगे तो किसानों को चिंता होने लगी। इसके बाद उन्होंने प्रशासन को इसकी शिकायत की।

किसानों ने बताया कि पहले तो दोनों व्यापारी भाई किसानों के फोन उठाकर आश्वासन देते थे, लेकिन चेक बाउंस होने के बाद से दोनों ने फोन उठाने बंद कर दिए। जब पीड़ित किसान दाेनाें व्यापारी भाइयाें को ढूंढते हुए उनके घर पहुंचे ताे दोनों के फरार होने का पता चला।

22 किसानों ने संयुक्त रूप से अपने आवेदन खातेगांव एसडीएम एवं हरदा एडीएम को दिए हैं। इसमें किसानों ने लगभग 900 क्विंटल डॉलर चना एवं करीब 1900 क्विंटल मूंग दाेनाें व्यापारी भाइयाें को विक्रय करना बताया है। इसका अनुमानित मूल्य 1 करोड़ 73 लाख 87 हजार 700 रुपए का भुगतान उन्हें अब तक नहीं मिला है। गांव देवला के भी कई किसान हैं जिन्हें दाेनाें व्यापारी भाइयाें से अपनी उपज का भुगतान अभी लेना है। मिली जानकारी के अनुसार अभी ऐसे कई किसान हैं, जिन्होंने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। ठगाए किसानों की संख्या ज्यादा हो सकती है।

लाइसेंस लिया पर मंडी में एक किलाे भी अनाज नहीं खरीदा : खातेगांव मंडी के अनुसार 14 जुलाई 2020 को खोजा ट्रेडर्स नाम से मंडी में अनाज खरीदी का लाइसेंस लिया और 19 नवंबर 2020 को लाइसेंस निरस्त कर लिया। इस बीच खोजा ट्रेडर्स द्वारा मंडी में एक किलो भी अनाज नहीं खरीदा गया।

5 साल से ज्यादा समय से गांव-गांव जाकर कर रहे थे खरीदी : जानकारी के अनुसार पवन खोजा 5 साल से ज्यादा समय से मंडी के बाहर गांव-गांव जाकर किसानों से उपज की खरीदी कर रहा था। मुख्य रूप से अपने सामाजिक (जाट) किसानाें को अच्छे दाम का प्रलोभन देकर उधारी में उपज खरीदता था।

अच्छे दाम मिलने के झांसे में आ गए किसान
नांदी के अरविंद जाट ने बताया 22 सितंबर 2020 को दाेनाें भाइयाें ने खोजा ट्रेडर्स नाम का ट्रेडिंग लाइसेंस दिखाकर घर से 52 क्विंटल 55 किलो डालर चना खरीदा, जिसकी कीमत 3 लाख 67 हजार 850 रु. है। खोजा बंधुओं ने आश्वस्त किया कि राशि खाते में डाल देंगे, रसीद या चेक नहीं दिया। जब राशि नहीं आई तो फोन पर वे एक-दो दिन में पैसा डालने की बात कहकर टालने लगे।

जियागांव के निर्मल जाट ने बताया कि 2 अक्टूबर 2020 को खोजा बंधुओं ने मेरे घर से 32 क्विंटल 40 किलो डालर चना खरीदा, जिसकी कीमत 2 लाख 26 हजार 800 रुपए है। घर बैठे उपज के अच्छे दाम मिलने की आस में किसान दोनों भाइयों के झांसे में आ गए।

प्रशासन पर उठी अंगुलियां
बिना किसी लाइसेंस और सरकार को कोई टैक्स दिए बिना खोजा बंधु इतने लंबे समय से मंडी के बाहर किसानों से उपज खरीदते रहे। जानकारी होते हुए भी प्रशासन ने कभी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।

दाेनाें व्यापारी भाइयाें पवन और सुरेश खोजा को खातेगांव पुलिस ने इंदौर से पकड़ा
जियागांव के किसान महेश हेमराज जाट की रिपोर्ट पर दोनों भाइयों के खिलाफ खातेगांव पुलिस ने धारा 420 में मामला दर्ज किया है। टीआई सज्जनसिंह मुकाती ने बताया कि पुलिस ने पवन खोजा और सुरेश खोजा को इंदौर से पकड़ लिया है। संभवतः गुरुवार काे दोनों को कोर्ट में पेश किया जा सकता है। इधर खातेगांव एसडीएम कोर्ट में प्रकरण दर्ज कर क्रेता और विक्रेताओं को नोटिस जारी किए हैं। सभी को साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है।

दाेनाें के एकाउंट तत्काल फ्रिज करने के निर्देश दिए
26 दिसंबर को किसानों ने संयुक्त रूप से इस संबंध में एक ज्ञापन दिया था। खोजा बंधुओं की चल-अचल संपत्ति की जानकारी निकालने के लिए तहसीलदार को आदेश दिए हैं। जिन बैंकों में इनके अकाउंट की जानकारी मिली है उनके मैनेजर को अकाउंट तत्काल फ्रिज करने (लेनदेन पर रोक) के लिए कहा है।’
संतोष तिवारी, एसडीएम खातेगांव



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